Ambedkar Chalisa-
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Bahujan ke vidhata, Ham sabke muktidata.
Vanchiton ki Dhaal, Gyan ka misal.
Nari ka udaharan, Samaj sudharak.
Itihaas ke paati, kitabon ke Sathi.
nidar, nirbhik dharyewan,
uchch koti ke vidwan,
symbol of knowledge,
Leader of golmej,
arthshastra ke jankar, sanvidhan ke shilpkar, manusmriti ke nashak, Buddh ke upasak,
jatiyeta ke berry, Insaniyat ke pahri,
vartman aur bhavishya ki awaaz,
Vishva ke Sartaj,
Kanoon ke gyata sanvidhan nirmata,
Baba Sahab Ambedkar ko Main Sandeep Kumar koti koti vandan karta hun
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बहुजन के विधाता, हम सबके मुक्तिदाता।
वंचितों की ढाल, ज्ञान का मिसाल।
नारी का उद्धारक, समाज सुधारक।
इतिहास के पाती, किताबों के साथी।
निडर, निर्भीक धारयेवान,
उच्च कोटि के विदवान,
ज्ञान का प्रतीक,
गोलमेज के नेता,
अर्थशास्त्र के जानकर, संविधान के शिल्पकार, मनुस्मृति के नाशक, बौद्ध के उपासक,
जातियता के बेरी, इंसानियत के पहरी,
वर्तमान और भविष्य की आवाज,
विश्व के सरताज,
कानून के ज्ञाता संविधान निर्माण,
बाबा साहब अंबेडकर को मैं संदीप कुमार कोटि-कोटि वंदन करता हूं
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शेर 1:
क़लम से लड़े वो जंग आज़ादी की,
भीम ने बदली तक़दीर सदी की।
शेर 2:
जिन्हें किताबों से प्यार था बेहिसाब,
उन्होंने रच डाला संविधान लाजवाब।
शेर 3:
जला दिए थे अंधेरे, फैलाया था नूर,
भीम के क़दमों से हुआ सबकुछ मंज़ूर।
शेर 4:
जैसे दीपक जलता है रातों में,
वैसे भीम चमके थे हालातों में।
शेर 5:
हर ज़ुल्म के आगे दीवार बन गए,
भीम जो उठे तो इंक़लाब बन गए।
क़लम था हाथ में, पर तलवार से कम न था,
भीम का हर फ़ैसला, इंक़लाब से कम न था।
2.
शिक्षा को जिसने बनाया अपना हथियार,
अंधेरों में भी दिखाया उजाला अपार।
3.
ना झुका, ना डरा, ना कभी हार मानी,
भीमराव की मिसाल है वीरता की कहानी।
4.
जात-पात की ज़ंजीरें तोड़ कर चला,
समानता का सूरज छोड़ कर चला।
5.
भीम ने कहा था – पढ़ो, लिखो, जागो, बढ़ो,
इसी राह पर चलकर, तू अपना भाग्य गढ़ो।